बलौदाबाजार। खरीफ वर्ष 2026-27 हेतु खेती के लिये जिले के सहकारी समितियो में खाद एवं बीज़ पर्याप्त
मात्रा में उपलब्ध है। किसान समितियों से उर्वरक और बीज़ का अग्रिम उठाव तेजी से कर
रहे हैं। इस वर्ष समितियो में उर्वरक भण्डारण हेतु 58350 मेट्रिक टन का लक्ष्य हैं जिसके विरुद्ध 24299 मेट्रिक टन भण्डारण एवं समितियो के द्वारा 4102 मेट्रिक टन खाद का वितरण किया गया है।समितियों
में 20197 मेट्रिक टन खाद शेष है।बीज भण्डारण
लक्ष्य 32690 क्विंटल के विरुद्ध 6593 क्विंटल भण्डारण एवं 3338 क्विंटल वितरण किया गया है।
किसानों को खेती किसानी में दिक्कत न हो इसके लिये जिला प्रशासन
द्वारा ट्रेक्टर में आवश्यकता अनुसार डीजल देने पेट्रोल पम्प को निर्देशित नहीं
किया गया है। इसके साथ ही ट्रेक्टर के लिये डिब्बा या जरिकेन में भी डीजल ले सकते
हैं। उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में सतत कृषि विकास के लिए
वैज्ञानिकों के एकीकृत पोषक प्रबंधन के सुझाव के अनुसार किसानों को रासायनिक उर्वरकों
के साथ जैव उर्वरक, जैविक खाद और हरी खाद का उपयोग करने की
सलाह दी गई है। खरीफ 2026 में भूमि धारिता के आधार पर किसानों
को पिछले वर्ष वितरित यूरिया की 80%
मात्रा तथा डीएपी की 60% मात्रा ही वितरित करने के निर्देश दिए
गए हैं। शेष 20% यूरिया और 40% डीएपी वैकल्पिक उर्वरकों (एनपीके) या नैनो
यूरिया, नैनो डीएपी के माध्यम से उपलब्ध कराया
जाएगा। किसानों को नैनो उर्वरक लेने के लिए किसी भी स्थिति में बाध्य नहीं किया
जाएगा। यह पूर्णतः वैकल्पिक है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर की
अनुशंसा के आधार पर चार्ट तैयार कर सभी विक्रय केंद्रों पर उपलब्ध कराया गया है।
इसमें नैनो उर्वरक न लेने पर प्रति एकड़ 2
बोरी यूरिया, एवं 1 -1बोरी डीएपी व एमओपी देने का प्रावधान है।

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