झारखण्ड : झारखंड में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से प्रोफेसर गौरव वल्लभ को प्रत्याशी बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, 5 जून को उनके नाम की आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।
हालांकि अभी तक भाजपा की ओर से इस पर औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने संकेत दिए हैं कि गौरव वल्लभ का नाम लगभग तय माना जा रहा है। वह मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं और उनका झारखंड से भी राजनीतिक और शैक्षणिक जुड़ाव रहा है। इससे पहले वह कांग्रेस के टिकट पर जमशेदपुर से विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा इस चुनाव में मजबूत और चर्चित चेहरे को उतारकर अपनी स्थिति को और मजबूत करना चाहती है। राज्यसभा चुनाव में पार्टी समीकरणों और गठबंधन की भूमिका अहम मानी जा रही है। इधर, कांग्रेस ने झारखंड से मल्लिकार्जुन खरगे के सलाहकार प्रणव झा को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। वहीं दूसरी सीट को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) की ओर से अभी तक उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की गई है, जिससे राजनीतिक स्थिति और भी रोचक हो गई है।
झारखंड विधानसभा में वर्तमान समीकरणों के अनुसार भाजपा के पास 24 विधायक हैं, जबकि राज्यसभा सीट जीतने के लिए उसे अतिरिक्त चार विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी। ऐसे में अन्य दलों और निर्दलीय विधायकों की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है। राज्यसभा चुनाव को लेकर सभी प्रमुख दल अपनी रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं। उम्मीदवारों के नाम सामने आने के बाद राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह चुनाव सिर्फ संख्याबल का नहीं बल्कि राजनीतिक रणनीति और गठबंधन की मजबूती का भी परीक्षण साबित होगा। आने वाले दिनों में झारखंड की राजनीति में और भी बड़े राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं।







