कलेक्टर पहुंचे दूरस्थ ग्राम बर्रेम, केले की लहलहाती खेती देख किसानों की मेहनत को सराहा
Breaking News

कलेक्टर पहुंचे दूरस्थ ग्राम बर्रेम, केले की लहलहाती खेती देख किसानों की मेहनत को सराहा

post

कलेक्टर पहुंचे दूरस्थ ग्राम बर्रेम, केले की लहलहाती खेती देख किसानों की मेहनत को सराहा

दंतेवाड़ा । ग्राम पंचायत रेवली के आश्रित एवं दूरस्थ ग्राम बर्रेम के भ्रमण के दौरान कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने क्षेत्र में संचालित कृषि एवं आजीविका गतिविधियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय कृषक बुधरी बरसे द्वारा की जा रही केले की खेती का अवलोकन किया और ग्रामीण क्षेत्र में किसानों द्वारा अपनाई जा रही उन्नत कृषि पद्धतियों की सराहना की।

कलेक्टर ने खेत में पहुंचकर किसानों से सीधे संवाद किया तथा खेती की प्रक्रिया, उत्पादन, सिंचाई व्यवस्था और विपणन से संबंधित जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान बुधरी बरसे ने बताया कि उनके परिवार के पास लगभग 15 एकड़ भूमि है, जिसमें कुछ हिस्से में केले की खेती की जा रही है। उन्होंने बताया कि केले का उत्पादन अच्छी मात्रा में हो रहा है तथा इसका विक्रय मुख्य रूप से किरंदुल बाजार में किया जाता है।

किसानों ने बताया कि बाजार में छोटे केले लगभग 60 रुपये प्रति दर्जन तथा बड़े केले 80 से 90 रुपये प्रति दर्जन तक की कीमत पर बिकते हैं। इससे परिवार को नियमित आय प्राप्त हो रही है और कृषि आजीविका का मजबूत माध्यम बनकर उभर रही है। कलेक्टर ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में इस प्रकार की सफल खेती अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत है तथा ऐसे मॉडल को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

बुधरी बरसे ने यह भी जानकारी दी कि वे राम स्व-सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं तथा समूह के 10 सदस्य विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में कार्य कर रहे हैं। कलेक्टर ने समूह आधारित आजीविका गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि महिला स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

कलेक्टर ध्रुव ने किसानों से चर्चा के दौरान जल संरक्षण के महत्व पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि खेती की स्थिरता और उत्पादन बढ़ाने के लिए वर्षा जल का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से उन्होंने किसानों को व्यक्तिगत डबरी निर्माण के लिए प्रेरित किया, ताकि सिंचाई के लिए वर्षभर जल उपलब्ध हो सके और कृषि कार्यों में आने वाली कठिनाइयों को कम किया जा सके।

उन्होंने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि ऐसे किसानों की पहचान की जाए जिनके पास 4 से 5 एकड़ या उससे अधिक कृषि भूमि है तथा जो कृषि और बागवानी के माध्यम से बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे पात्र किसानों के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत डबरी निर्माण की कार्यवाही प्राथमिकता से की जाए, जिससे जल संरक्षण, सिंचाई सुविधा और कृषि उत्पादकता में वृद्धि सुनिश्चित हो सके।

कलेक्टर ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि जिले में सफल खेती करने वाले किसानों की जानकारी संकलित कर उनके अनुभवों को अन्य ग्रामीणों तक पहुंचाया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकें। उन्होंने कहा कि कृषि, बागवानी और आजीविका गतिविधियों के समन्वित विकास से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी तथा आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। इस दौरान जनपद पंचायत सीईओ तरुण देशमुख सहित अन्य मैदनी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

You might also like!


RAIPUR WEATHER