क्या आपको भी अक्सर पेट के दाहिने हिस्से में तेज दर्द या फिर पीठ में तेज झटके के साथ दर्द होता है, पेशाब करते समय जलन महसूस होती है? अगर हां तो तुरंत इसकी जांच करा लीजिए, कहीं ये गॉलब्लैडर या किडनी में पथरी का संकेत तो नहीं है? अक्सर लोग पेट के दर्द को गैस-एसिडिटी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो बाद में बड़ी समस्याओं के रूप में सामने आती है।
पहले गॉलब्लैडर स्टोन के बारे में जान लीजिए
- गॉलब्लैडर (पित्ताशय) में पथरी मुख्य रूप से कोलेस्ट्रॉल या बिलीरुबिन के जमा होने से बनती है। गॉलब्लैडर का काम पित्त को रिलीज करना होता है। जब पित्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बहुत अधिक हो जाती है या पित्त ठीक से खाली नहीं हो पाती, तब क्रिस्टल पथरी बनाने लगती है।
- वहीं दूसरी ओर, किडनी स्टोन मूत्र में मौजूद कैल्शियम ऑक्सलेट, यूरिक एसिड जैसे खनिजों के क्रिस्टल के कारण होती है। किडनी शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालती रहती है। जब पेशाब में खनिजों की मात्रा ज्यादा हो जाती है, और ये शरीर से बाहर नहीं निकल पाते हैं तो ये क्रिस्टल धीरे-धीरे स्टोन में बदल जाते हैं।
क्या कहते हैं डॉक्टर?
गॉलब्लैडर स्टोन का इलाज न होने पर क्या होता है?
- इलाज न होने पर बार-बार पित्ताशय में सूजन, पित्त की नली में रुकावट, पीलिया, पैंक्रियास में सूजन और गंभीर संक्रमण का खतरा हो सकता है।
- जब पथरी गॉलब्लैडर के रास्ते को रोकने लगती है तो पित्त बाहर नहीं निकल पाता। इससे पाचन तो गड़बड़ होता ही है साथ ही संक्रमण और सूजन का भी खतरा हो सकता है।
- पित्त की नली ब्लॉक होने से अग्न्याशय में सूजन आ जाती है, जो पेट में तेज दर्द और उल्टी का खतरा भी हो सकता है।
- लंबे समय में इससे गॉलब्लैडर कैंसर होने का खतरा भी हो सकता है हालांकि यह बहुत दुर्लभ स्थिति मानी जाती है।
स्टोन के लक्षणों पर दें ध्यान
- गॉलब्लैडर स्टोन का पता लगाने के लिए अल्ट्रासाउंड कराया जाता है।
- पथरी का पता चलने पर गॉलब्लैडर हटाने की सर्जरी करके इसे अंग को बाहर निकाल दिया जाता है। आप इस सर्जरी के बाद भी सामान्य जीवन जी सकते हैं। इससे पाचन पर भी ज्यादा असर नहीं होता है हालांकि कुछ परहेज की जरूरत होती है।
- पर्याप्त पानी पीना, संतुलित वजन बनाए रखना, अत्यधिक नमक और प्रोसेस्ड फूड कम खाना, नियमित व्यायाम करना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार आहार अपनाना पथरी के जोखिम को कम कर सकता है।








