एक साल बाद अगस्त 2027 सऊदी अरब अंतरिक्ष में होने वाली एक अद्भुत घटना का गवाह बनने जा रहा है, जब कुछ मिनटों के लिए दिन में अंधेरा छा जाएगा। यह एक दुर्लभ सूर्यग्रहण होगा, जिस दौरान सूरज का कोरोना चांद के पीछे पूरी तरह से छिप जाएगा। वैज्ञानिक इसे सदी का सूर्यग्रहण कह रहे हैं, क्योंकि यह 21वीं सदी में सबसे लंबी अवधि तक होने वाला पूर्ण सूर्यग्रहण होगा। पूर्णता की अवधि में यह ग्रहण 6 मिनट 23 सेकंड तक रहेगा।
सऊदी अरब में 75 साल बाद होगा ऐसा
इस ग्रहण की छाया सऊदी अरब से होकर गुजरेगी, जिससे यहां रहने वाले लोगों के लिए इसे देखने का शानदार मौका होगा। सऊदी अरब के लिए यह और भी खास है क्योंकि यह 75 सालों में सऊदी अरब से गुजरने वाले पहला ग्रहण है। सऊदी स्पेस एजेंसी ने इसे सदी की सबसे महत्वपूर्ण घटना बताया है।
सूर्य ग्रहण तब होता है, जब सूरज, चांद और पृथ्वी एक सीध में आ जाते हैं। इस दौरान चांद बीच में होता है, जिससे यह सूर्य को ढंक लेता है। इसके पीछे एक अनोखा खगोलीय संयोग है। वैसे तो चांद सूरज से लगभग 400 गुना छोटा है, लेकिन यह सूर्य की अपेक्षा धरती से 400 गुना करीब भी है। इसलिए जमीन से देखने पर दोनों का आकार एक जैसा ही लगता है। इसके चलते चांद सूरज को पूरी तरह से ढक लेता है।
अगस्त 2027 में होगा दुर्लभ सूर्यग्रहण
2 अगस्त 2027 को होने वाला पूर्ण सूर्य ग्रहण अटलांटिक महासागर के ऊपर शुरू होगा। इसके बाद इस ग्रहण का पॉथ ऑफ टोटैलिटी उत्तरी अफ्रीका के मोरक्को, मिस्र, सोमालिया से होते हुए लाल सागर को पार करेगी और सऊदी अरब में प्रवेश करेगी। पाथ ऑफ टोटैलिटी उस इलाके को कहते हैं, जिससे ग्रहण की छाया गुजरती है। सऊदी अरब में यह पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों से गुजरेगी और अंत में हिंद महासागर की ओर बढ़ जाएगी।
कहां दिखेगा सबसे शानदार नजारा?
सऊदी स्पेस एजेंसी के अनुसार, देश के आभा जैसे दक्षिणी इलाकों में ग्रहण 6 मिनट तक रहेगा। जेद्दा और पश्चिमी तट के कुछ हिस्सों में यह समय 5 मिनट 50 सेकंड का होगा। ग्रहण को पूर्णता में देखने के लिए सबसे सही जगह मिस्र के लक्सर में होगी, जहां 6 मिनट 19 सेकंड तक अंधेरा छाया रहेगा।